Friday, July 4, 2008

नासाज तबीयत और दार्शनिक भाव....

इधर कुछ दिनों से तबीयत खराब चल रही है। डॉ ने आराम करने को कहा है। ऑफिस नहीं जा रहा हूं। मन वहीं सब खाने को करता है जो मना किया गया है। हमेशा कोल्ड ड्रिंक और फ्रिज का पानी ही पीने को मन करता है। पिछले 7 महिने में ऑफिस से एक भी छुट्टी नहीं लेने का शायद इकट्ठे ही खामि याजा भुगत रहा हूं।हाल में एक लड़की से बात होने लगी है। लेकिन मुई तबीयत ने उधर भी रुचि कम कर दी है। मैं कभी-कभी सोंचता हूं कि क्या आपके स्वास्थ्य़ का असर आपके दिल पर भी पड़ता है...ऑफिस में क्या चल रहा है..कुछ पता ही नहीं चलता। दोस्तों के स्वास्थ्य शुभकामना संदेश फोन पर अक्सर आते हैं। दुनिया से कनेक्टेड इसलिए हूं कि सामने इंटरनेट है। आजकल राजीव के घर स्वास्थ्य लाभ कर रहा हूं। वैसे भी, तंदुरुस्ती के दिनों में भी ज्यादातर वक्त वहीं बिताता हूं।मन कभी-कभी अजीव दार्शनिक हो जाता है। सोचा करता हूं...कि मैं एक-एक पल अपने लिए बचाया करता था। सिर्फ अपने लिए...कि उसका उपयोग पढ़ने में या किसी से मिलने में करुंगा...लेकिन वक्त की एक करवट ने पिछले एक सप्ताह से मुझे हिलने से भी मना कर दिया है। इंसान की कुछ भी औकात नहीं है। बिल्कुल ही औकात नहीं है।
पता नहीं कैसे घर पर लोगों को पता चल गया है। मां-पापा का रोज ही दो तीन बार फोन आने लगा है। उनसे झूठ बोल-बोल कर परेशान हूं। मां को तो दिलाशा देना ही पड़ता है। आज तो राजीव के मां-पापा का भी फोन आ गया। मैं ऐसे फोनों से बेतरह चिढ़ जाता हूं। लेकिन शायद ये बड़े लोगों की बाते हैं। हम अभी बहुत बच्चे हैं इन चीजों को समझने के लिए। कई चीजें आपके हाथ में नहीं होती...बिल्कुल ही नहीं होती।

7 comments:

सुबोध said...

सब तो ठीक है लेकिन दर्शन में किस लड़की ने खलल डाला सर

राजीव कुमार said...

GET WELL SOON ;-)...सिम्टम तो इश्क का लग रहा है। रात को रेडियो मिर्ची पर डॉक्टर लव आते है। आप उनसे सलाह ले सकते हैं। कुछ बातें आपने छिपा ली है...मसलन फ़ोन पर गीत गुनगुनाना, बिकानेर (मिठाई दुकान) में रसगुल्ला को देख कर लरजना, अनार की जूस पीने कि ज़िद करना, केला पर प्रचंड जोर और अविनाश के मोहल्ले से अगाध प्रेम....GOD BLESS YOU :-)

मिथिलेश श्रीवास्तव said...

B POSITIVE...बंधु..तबियत सबकी खराब होती है...दार्शनिकता सबको चढ़ती है जल्द ही आप एक नए जोश के साथ काम पर होंगे...मां-बाप को दिलासा देते रहें तो ही अच्छा खामख्वाह परेशान होंगे..मां-बाप की तो जान ही अपने बच्चे में अटकी होती है...

sumit mishra said...

Dushant Bhaiya....Your Image is Larger Then Life. So Live Life King Size......!

pushkar said...

Rajiv bhaiya ke baton ka mai bhi witness hoon, waise jaldi thik ho jaiye, aapke jaise log bimar ache nahi lagte hai.

sanjeev said...

Kaisa bimaar ..............sara din to Rasmalai ,Cold drinks or na jane kya kya khhate hi rahte they .Jo doctor ne mana kiya woh to or bhi chaw se khate the .....and then saying ------------Bimmar

sanjeev said...

Kaisa bimaar ..............sara din to Rasmalai ,Cold drinks or na jane kya kya khhate hi rahte they .Jo doctor ne mana kiya woh to or bhi chaw se khate the .....and then saying ------------Bimmar